स्पेनिश इतिहास और अवकाश
स्पेन की मदिराशालाओं में मनोरंजन




मध्य युग से ही मदिराशालाएँ आम लोगों के मिलने-जुलने की जगह थीं, जहाँ शराब, खाने, बातचीत और गीतों का साथ-साथ आनंद लिया जाता था। वहाँ ताश और पासों के खेल भी खेले जाते थे। यही वजह है कि जुए से जुड़े इतने सारे कानूनों में इन ठिकानों का ज़िक्र मिलता है।
निगरानी में रहने वाली जगह
अधिकारियों की नज़र में मदिराशालाएँ झगड़ों और सट्टेबाज़ी के अड्डे थीं। कई स्थानीय नियम वहाँ पैसों के लिए या कुछ खास समय पर खेलने की मनाही करते थे। इस बारे में हमने प्रतिबंधित और सेंसर किए गए ताश के पत्तों वाले लेख में बताया है।
स्वर्ण युग की मदिराशालाएँ
सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी का साहित्य मदिराशालाओं, सरायों और जुए के अड्डों के ज़िक्र से भरा है, जहाँ जुआरी और सैनिक ताश खेलते थे। सेर्वान्तेस, केवेदो और धूर्त नायकों पर केंद्रित उपन्यासों में इन जगहों का विस्तार से चित्रण मिलता है। इसकी चर्चा हमने स्वर्ण युग में मनोरंजन वाले लेख में की है।
मदिराशाला से बार तक
बीसवीं शताब्दी में मदिराशालाओं की जगह धीरे-धीरे बार लेने लगे, लेकिन ताश खेलने की आदत बनी रही। हमने स्पेन के बारों में ताश की गड्डी क्यों रखी जाती थी वाले लेख में यह समझाया है।
जो आज भी बाकी है
मेज़ पर बिछा कपड़ा, घिसी हुई ताश की गड्डी और वही पुराने साथी। इसी परंपरा को हम बिना दाँव लगाए, Mus (मुस) या Guiñote (गिन्योते) की हर मेज़ पर ज़िंदा रखना चाहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मदिराशालाओं में कौन-से खेल खेले जाते थे?
मुख्य रूप से ताश और पासों के खेल, साथ ही कुछ कौशल वाले खेल भी खेले जाते थे।
मदिराशालाओं की निगरानी क्यों की जाती थी?
क्योंकि वहाँ अक्सर सट्टेबाज़ी, झगड़े और कर्ज़ के मामले होते थे।